News Blog Fact Check Press Release Jobs Event Product FAQ Local Business Lists Live Music Recipe

मणिपुर विश्वविद्यालय पहुंची डूरंड कप ट्रॉफी, छात्रों में दिखा उत्साह

135वें डूरंड कप की ट्रॉफी टूर मणिपुर विश्वविद्यालय पहुंची। कुलपति प्रभारी प्रो. सुमित्रा फंजौबम ने छात्रों से खेल भावना, अनुशासन और परिश्रम अपनाने का आह्वान किया।

Published on

 

मणिपुर विश्वविद्यालय पहुंची डूरंड कप ट्रॉफी, छात्रों में दिखा उत्साह

कुलपति प्रभारी प्रो. सुमित्रा फंजौबम ने कहा, खेल सिखाता है अनुशासन, नेतृत्व और कठिन परिश्रम

इंफाल, 15 जुलाई 2026: एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में शामिल डूरंड कप की ट्रॉफी टूर बुधवार को मणिपुर विश्वविद्यालय, कांचीपुर पहुंची। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, स्कूली बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भारतीय फुटबॉल की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला।

135वें डूरंड कप के इंफाल चरण के तहत ट्रॉफियां दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर मणिपुर विश्वविद्यालय परिसर पहुंचीं और लगभग 30 मिनट तक वहां रहीं। यह यात्रा इंफाल में आयोजित होने वाले डूरंड कप मुकाबलों से पहले व्यापक ट्रॉफी टूर का हिस्सा थी।

मणिपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रभारी प्रो. सुमित्रा फंजौबम ने विश्वविद्यालय समुदाय की ओर से ट्रॉफियों और आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

उन्होंने आयोजकों, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, सशस्त्र बलों के अधिकारियों और जवानों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, आसपास के विद्यालयों से आए बच्चों तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

केवल औपचारिक आयोजन नहीं, प्रेरणा का अवसर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. सुमित्रा फंजौबम ने कहा कि डूरंड कप की ट्रॉफियों का मणिपुर विश्वविद्यालय पहुंचना केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है। यह विद्यार्थियों के लिए देश की गौरवशाली खेल विरासत से सीधे जुड़ने और उससे प्रेरणा लेने का दुर्लभ अवसर है।

उन्होंने कहा कि फुटबॉल और अन्य खेल युवाओं को टीम भावना, नेतृत्व, आपसी सहयोग, दृढ़ता, कठिन परिश्रम और समर्पण जैसे महत्वपूर्ण गुण सिखाते हैं।

उनके अनुसार, ये मूल्य केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

कार्यक्रम में कुलपति प्रभारी प्रो. सुमित्रा फंजौबम, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मोइरांगथेम प्रेमजीत सिंह, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. कोंसम हिमालय सिंह, 57 माउंटेन डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल सुभांकर बसु, एसएम, वीएसएम, तथा मणिपुर विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. मैबम चौरजीत सिंह सहित अनेक अधिकारी और आयोजक उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों ने किया ट्रॉफियों का स्वागत

डूरंड कप की ट्रॉफियों को लेकर काफिला जैसे ही मणिपुर विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचा, विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

स्कूली बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को युवा और सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया। ट्रॉफी टूर के सार्वजनिक स्वागत में विद्यार्थियों को केंद्र में रखा गया, ताकि वे खेल इतिहास और राष्ट्रीय उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

प्रो. सुमित्रा फंजौबम ने कहा कि मणिपुर को देश के प्रमुख खेल शक्ति केंद्रों में गिना जाता है। भौगोलिक रूप से छोटा राज्य होने के बावजूद मणिपुर ने विभिन्न खेलों में ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता, राष्ट्रीय चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मणिपुर में खेल प्रतिभा अक्सर सामान्य परिवारों, स्थानीय खेल मैदानों और छोटे मोहल्लों से सामने आती है। सामान्य जीवन और राष्ट्रीय उपलब्धियों के बीच इस गहरे संबंध ने राज्य को एक विशिष्ट खेल पहचान दी है।

अनुशासन और सकारात्मक सोच से मिलती है सफलता

कुलपति प्रभारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, कठिन परिश्रम, दृढ़ता, समर्पण और सकारात्मक सोच के माध्यम से सफलता प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों में से कुछ भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मणिपुर तथा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक बने रहने और अपने चुने हुए क्षेत्र में लगातार मेहनत करने का आह्वान किया।

1888 में शुरू हुआ था डूरंड कप

डूरंड कप की शुरुआत वर्ष 1888 में हुई थी। यह एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है और भारतीय फुटबॉल के इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।

इस टूर्नामेंट का भारतीय सशस्त्र बलों के साथ भी लंबा और ऐतिहासिक संबंध रहा है। समय के साथ डूरंड कप ने देश के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और टीमों को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है।

ट्रॉफी टूर का उद्देश्य युवाओं को खेल से जोड़ना, फुटबॉल की विरासत को आगे बढ़ाना, राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करना और खेल के प्रति गर्व तथा जागरूकता पैदा करना है।

मणिपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्कूली बच्चों, सैन्य अधिकारियों, आयोजकों और मीडिया की भागीदारी के माध्यम से इन उद्देश्यों को व्यापक स्वरूप मिला।

19 गढ़वाल राइफल्स की भूमिका की सराहना

डूरंड कप ट्रॉफी टूर को मणिपुर विश्वविद्यालय तक पहुंचाने में 19 गढ़वाल राइफल्स की भूमिका की भी सराहना की गई।

इंफाल में आयोजित हो रहे 135वें डूरंड कप की स्थानीय आयोजन समिति के हिस्से के रूप में 19 गढ़वाल राइफल्स योजना, समन्वय और आयोजन के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभा रही है।

19 गढ़वाल राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर आयोजन के नोडल अधिकारी हैं। बटालियन सैन्य इकाइयों, नागरिक प्रशासन, राज्य की एजेंसियों, सुरक्षा बलों, आयोजन से जुड़ी उत्पादन टीमों, आयोजन स्थलों के प्रबंधकों और स्थानीय संस्थानों के बीच समन्वय के लिए प्रमुख संपर्क केंद्र के रूप में कार्य कर रही है।

मणिपुर विश्वविद्यालय में ट्रॉफी टूर का सुचारु आगमन आयोजन के पीछे किए गए व्यापक समन्वय को दर्शाता है।

इस आयोजन ने डूरंड कप की विरासत को एक शैक्षणिक परिसर तक पहुंचाया, जहां विद्यार्थी खेल के सामाजिक, राष्ट्रीय और शैक्षणिक महत्व को समझ सके।

प्रो. सुमित्रा फंजौबम ने मणिपुर विश्वविद्यालय को ट्रॉफी टूर में शामिल करने के लिए आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और परिश्रम का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

मणिपुर विश्वविद्यालय में डूरंड कप ट्रॉफी टूर का पड़ाव भले ही संक्षिप्त रहा, लेकिन इसका संदेश स्पष्ट था। इसने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि शिक्षा और खेल एक दूसरे के पूरक हैं और मणिपुर की समृद्ध फुटबॉल विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

Want to engage with this content?

Like, comment, or share this article on our main website for the full experience!

Go to Main Website for Full Features

Naorem Mohen

Editor, MU Darpan

Naorem Mohen is the Editor of MU Darpan. He covers news and updates on workshops, seminars, training programmes, academic and cultural events, research activities, and the achievements of students, faculty members, and alumni of Manipur University. His work focuses on highlighting developments in higher education, research, innovation, and the accomplishments of the university community.

More by this author →

Published by · Editorial Policy

मू-दर्पण (MUDARPAN.IN) | मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का हिंदी अभिलेखागारमणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत गतिविधियों का एक समर्पित हिंदी डिजिटल अभिलेखागार है, जो विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों, सम्मेलनों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और महत्वपूर्ण आयोजनों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण प्रस्तुत करता है।

👉 Read Full Article on Website