इम्फाल, 4 जून: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में मणिपुर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ ने गुरुवार सुबह विश्वविद्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान तथा “नो टू सिंगल-यूज़ प्लास्टिक” जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन “मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment)” थीम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के ट्रैफिक प्वाइंट, कंचीपुर में सुबह 7:30 बजे किया गया।
यह अभियान भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और समुदाय के बीच पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देना तथा सतत जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूकता फैलाना था।
अभियान का नेतृत्व मणिपुर विश्वविद्यालय के NSS प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. लैश्रम संतोष सिंह तथा पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. आर. एस. खोइयांगबाम ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. एच. सुरज सिंह, डॉ. ख. हेराचंद्र सिंह, डॉ. टी. दीपमांजुरी देवी, डॉ. दलीप सिंह सहित पर्यावरण विज्ञान विभाग के कई शिक्षकों ने सक्रिय सहयोग दिया।
कार्यक्रम में लगभग 200 NSS स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रो. लैश्रम संतोष सिंह ने स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सभी से “वन नेशन, वन मिशन: एंड प्लास्टिक पॉल्यूशन” अभियान का समर्थन करने और मिशन लाइफ के उद्देश्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में एक विशाल जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में शामिल विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण तथा प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली से जुड़े संदेशों वाले पोस्टर और तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के समर्थन में विभिन्न नारे लगाए गए।
रैली के पश्चात विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतिभागियों ने परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छ, हरित और टिकाऊ वातावरण के निर्माण का संदेश दिया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. आर. एस. खोइयांगबाम ने स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और अल्पाहार के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार इस अभियान ने पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने, सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने और प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त भविष्य की दिशा में सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।