इंफाल, 3 सितंबर 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी और मलेशिया की INTI इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। 3 सितंबर को आयोजित वर्चुअल समारोह में हुए इस समझौते का उद्देश्य संयुक्त शोध, छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, इंटर्नशिप तथा विभिन्न सहयोगी अकादमिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है।
मणिपुर यूनिवर्सिटी की ओर से रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह ने MoU पर हस्ताक्षर किए, जबकि INTI इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की ओर से ग्लोबल एंगेजमेंट के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. गोह खांग वेन ने हस्ताक्षर किए। समारोह में मणिपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की डीन प्रो. मेमचा लोइतोंगबाम तथा INTI इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल रिलेशंस एंड कोलैबोरेशंस सेंटर के निदेशक प्रो. डॉ. असोकन वासुदेवन ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह ने इस सहयोग का स्वागत किया और कहा कि मणिपुर यूनिवर्सिटी समझौते के तहत प्रस्तावित गतिविधियों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने INTI के नेतृत्व और अधिकारियों को समझौते को संभव बनाने के लिए धन्यवाद दिया तथा दोनों संस्थानों के बीच निरंतर संपर्क और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन का उल्लेख करते हुए कहा कि मलेशियाई विश्वविद्यालय के साथ इंटर्नशिप और छात्र आदान-प्रदान से विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय exposure प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों संस्थान अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाते हुए समझौते को सार्थक अकादमिक सहयोग में बदलेंगे।
INTI इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. गोह खांग वेन ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे सक्रिय संस्थागत साझेदारों के साथ सहयोग करना चाहता है, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को ठोस लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि INTI अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार कर रहा है, लेकिन उसका जोर ऐसे सहयोग पर है जो निरंतर गतिविधियों और मापनीय परिणामों में बदल सके।
उन्होंने संयुक्त शोध, छात्र मोबिलिटी, विजिटिंग स्कॉलर कार्यक्रम, संयुक्त सम्मेलन तथा संभावित डिग्री सहयोग को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने इस साझेदारी की सिफारिश करने और मणिपुर यूनिवर्सिटी की अकादमिक क्षमताओं से INTI को अवगत कराने में डॉ. ऐनी थिंगनाम की भूमिका का भी उल्लेख किया।
एक सेमेस्टर के एक्सचेंज कार्यक्रम का अवसर
प्रो. गोह ने बताया कि INTI प्रति सेमेस्टर 20 तक एक्सचेंज छात्रों को समायोजित कर सकता है। प्रस्तावित एक-सेमेस्टर एक्सचेंज व्यवस्था में ट्यूशन फीस में छूट और नि:शुल्क आवास की सुविधा शामिल होगी, जबकि बताई गई वीजा फीस 1,500 मलेशियाई रिंगिट होगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के एक्सचेंज कार्यक्रमों से छात्रों को विभिन्न देशों के विद्यार्थियों के साथ संवाद करने और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्रो. गोह ने INTI की अंतरराष्ट्रीय स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का QS 4 Star ऑडिट किया गया है और इसे वैश्विक स्तर पर 406वें तथा एशिया में 102वें स्थान पर रखा गया है। उन्होंने विषयगत क्षेत्रों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिसमें बिजनेस को दुनिया के शीर्ष 300 और अकाउंटिंग एवं फाइनेंस को शीर्ष 375 में बताया गया।
उन्होंने साझेदार संस्थानों के लिए ऑनलाइन लर्निंग के अवसरों की भी जानकारी दी और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग के क्षेत्र में INTI के अनुभव को ज्ञान-साझाकरण या कोचिंग सत्रों के माध्यम से साझा करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कार्यक्रमों में आगे सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा का स्वागत करते हुए मणिपुर यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को मलेशिया स्थित INTI का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया।
संयुक्त शोध, प्रकाशन और शैक्षणिक कार्यक्रमों पर जोर
मणिपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (MIMS) के निदेशक प्रो. च. इबोहल मीतेई ने INTI टीम का आभार व्यक्त करते हुए छात्र एवं फैकल्टी गतिविधियों, संयुक्त शोध, प्रकाशन, सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाओं में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस सहयोग का लाभ केवल शिक्षण संकाय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विश्वविद्यालय प्रणाली के कर्मचारियों और अन्य कार्यक्षेत्रों तक भी पहुंच सकता है।
मणिपुर यूनिवर्सिटी के बहुविषयक स्वरूप का उल्लेख करते हुए प्रो. इबोहल ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों, वित्त, सामाजिक विज्ञान और लिबरल आर्ट्स में सहयोग की संभावनाएं बताईं। उन्होंने उम्मीद जताई कि MoU दोनों संस्थानों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क और सार्थक परिणामों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
MoU में शिक्षा, लिबरल आर्ट्स, बिजनेस मैनेजमेंट, उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, सामाजिक विज्ञान और मानविकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का व्यापक ढांचा तैयार किया गया है। संयुक्त शोध, फैकल्टी सदस्यों और शोध कर्मियों का आदान-प्रदान तथा संयुक्त प्रकाशन समझौते के प्रमुख प्रावधानों में शामिल हैं।
छात्रों और शोधार्थियों के लिए समझौते में एक्सचेंज कार्यक्रम, इंटर्नशिप, फील्ड स्टडी और संयुक्त परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है। इससे विभिन्न विषयों में अकादमिक विशेषज्ञता तक पहुंच बढ़ाने, शोध को सहयोग देने तथा अलग संस्थागत और सांस्कृतिक वातावरण में अध्ययन का अवसर मिलने की संभावना है।
इनोवेशन और उद्यमिता को भी सहयोग
समझौते में नवाचार और उद्यमिता को भी शामिल किया गया है। इसके तहत दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से इन्क्यूबेशन और उद्यमिता केंद्रों, कंसल्टेंसी गतिविधियों तथा एजुकेशनल टेक्नोलॉजी से जुड़े कौशल विकास को बढ़ावा देने की संभावनाएं तलाशेंगे।
दोनों संस्थान सहयोगी डिग्री और सर्टिफिकेट कार्यक्रम, प्रोफेशनल भाषा शिक्षण तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में भी काम करेंगे।
संयुक्त सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अकादमिक बैठकों के माध्यम से ज्ञान साझा करने तथा शोध नेटवर्क विकसित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने की योजना है। सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), कनेक्टिविटी, संस्कृति और जिम्मेदार पर्यटन को भी संभावित सहयोग क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
समझौते के तहत विशिष्ट गतिविधियों, वित्तीय व्यवस्था और कार्यक्रमों की शर्तों को दोनों संस्थानों के बीच आपसी लिखित सहमति से तय किया जाएगा। ये गतिविधियां संबंधित संस्थागत नियमों और उपलब्ध संसाधनों के अधीन होंगी।
समारोह में मणिपुर यूनिवर्सिटी की ओर से प्रो. अंगोम दिलीप कुमार सिंह, निदेशक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल; प्रो. मयांगलंबम लिली देवी, निदेशक, सेंटर फॉर विमेंस स्टडीज; और डॉ. सकीला नोंगमैइकापम, जनसंपर्क अधिकारी (PRO) भी उपस्थित रहीं।
INTI इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. तफारा मुडजेंगी, असिस्टेंट मैनेजर, इंटरनेशनल रिलेशंस एंड कोलैबोरेशन सेंटर (IRCC); डॉ. थिंगनाम ऐनी, सीनियर लेक्चरर, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन एंड लिबरल आर्ट्स; और सुश्री तनुश्री नताशा ऐनी परमेश्वरन, एग्जीक्यूटिव-I, IRCC ने समारोह में भाग लिया।