इंफाल, 29 सितंबर 2026: मणिपुर विश्वविद्यालय में “उच्च शिक्षा में नेतृत्व, अकादमिक प्रशासन और कानूनी उत्कृष्टता” विषय पर आयोजित दो सप्ताह का बहुविषयक रिफ्रेशर कोर्स सोमवार को एमआईएमएस ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC), मणिपुर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया गया था।
16 से 28 सितंबर तक चले इस रिफ्रेशर कोर्स में मणिपुर तथा राज्य के बाहर के विभिन्न संस्थानों से शिक्षक और विश्वविद्यालय प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में कुल 53 प्रतिभागियों, जिनमें शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, ने भाग लिया।
रिफ्रेशर कोर्स के दौरान नेतृत्व, अकादमिक प्रशासन, कानूनी मुद्दों, संचार, मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण, वित्तीय प्रबंधन, पारस्परिक संबंधों और उच्च शिक्षा में उभरती तकनीकों सहित विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
समापन समारोह में मणिपुर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह, वित्त अधिकारी प्रो. लैशराम राजेंद्रकुमार सिंह, MMTTC के निदेशक प्रो. आर.के. भुबन सिंह तथा कार्यक्रम समन्वयक और मणिपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के निदेशक प्रो. च. इबोहाल मीतेई ने अध्यक्ष मंडल के सदस्य के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रो. च. इबोहाल मीतेई ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सफलता अंततः प्रतिभागियों के दृष्टिकोण, पेशेवर संवाद और संस्थागत जिम्मेदारियों के प्रति उनके दृष्टिकोण में बदलाव के रूप में दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने निरंतर आत्म-सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में अकादमिक सत्रों के साथ रोल प्ले, समूह चर्चा, प्रस्तुतियां और केस स्टडी जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया।
रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह ने कहा कि बहुविषयक रिफ्रेशर कोर्स शिक्षकों और प्रशासकों को उनके विशेषज्ञता क्षेत्र से आगे के विचारों से परिचित कराने में मदद करते हैं। इससे उनकी सोच को नया दृष्टिकोण मिलता है और पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करने में सहायता मिलती है।
वित्त अधिकारी प्रो. लैशराम राजेंद्रकुमार सिंह ने प्रभावी नेतृत्व के लिए विश्वास और जवाबदेही, संसाधनशीलता तथा टीमवर्क को आवश्यक गुण बताया। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने-अपने संस्थानों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आग्रह किया।
MMTTC के निदेशक प्रो. आर.के. भुबन सिंह ने कहा कि दो सप्ताह के कार्यक्रम में अकादमिक प्रशासन और कानूनी मुद्दों के विभिन्न पहलुओं को शामिल करने का प्रयास किया गया। प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर उन्होंने कहा कि केंद्र भविष्य में परीक्षा, मूल्यांकन और प्रश्न-पत्र तैयार करने जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार करेगा।
फीडबैक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने कोर्स के बहुविषयक और व्यावहारिक स्वरूप की सराहना की। उन्होंने विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद के अवसरों तथा विविध विषयों के विशेषज्ञों से सीखने को भी उपयोगी बताया।
प्रतिभागियों ने भविष्य के कार्यक्रमों में फील्ड गतिविधियों, परीक्षा संबंधी प्रशिक्षण और व्यावहारिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ अधिक संवाद को शामिल करने का सुझाव दिया।
समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन प्रो. आर.के. भुबन सिंह के संबोधन और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।