इम्फाल, 12 मई: मणिपुर विश्वविद्यालय के लाइफ साइंसेज (वनस्पति विज्ञान) विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय पौध स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में “प्लांट हेल्थ मैनेजमेंट फॉर फूड सिक्योरिटी” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिवस का सफल आयोजन किया गया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य विषय “खाद्य सुरक्षा के लिए पौध जैव-सुरक्षा” रहा, जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पौध स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर व्यापक चर्चा की गई।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मणिपुर विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुमित्रा फंजौबम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सम्मानित अतिथियों में मणिपुर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के डीन प्रो. एन. मोहिलाल मेइती, गौहाटी विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के डीन प्रो. कुमानंद तयुंग तथा मणिपुर विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. क्ष. बिरला सिंह शामिल थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लाइफ साइंसेज (वनस्पति विज्ञान) विभागाध्यक्ष प्रो. कननबाला सारंगथेम ने की। डॉ. हेकहम एवलिन और प्रो. एस. सुरेशकुमार सिंह ने आयोजन सचिव के रूप में कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्य व्याख्यान गौहाटी विश्वविद्यालय के प्रो. कुमानंद तयुंग द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (CAU) के प्रो. एन. इबोयाइमा सिंह, मणिपुर विश्वविद्यालय के डॉ. वाई. प्रेमानंद सिंह तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के डॉ. टी. बसंता ने आमंत्रित वक्ताओं के रूप में अपने विचार साझा किए।
संगोष्ठी में पौध स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें सूक्ष्मजीव विविधता और पौध स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं अजैविक तनाव प्रबंधन, जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक, प्राकृतिक खेती प्रणाली, सतत विकास, खाद्य, औषधि एवं उद्योग के लिए जैव विविधता का मूल्यांकन और उपयोग, पौध एवं सूक्ष्मजीव आधारित उद्यमिता, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से जुड़े मुद्दे, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां, सरकारी पहल तथा खाद्य सुरक्षा में कम उपयोग की जाने वाली फसलों और सब्जियों की भूमिका जैसे विषय शामिल रहे।
संगोष्ठी में 90 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें शिक्षक, शोधार्थी और स्नातकोत्तर छात्र शामिल हैं। प्रतिभागी केवल मणिपुर ही नहीं, बल्कि असम, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से भी पहुंचे हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।
संगोष्ठी का समापन समारोह 13 मई को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मणिपुर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के डीन प्रो. एन. मोहिलाल मेइती, वित्त अधिकारी प्रो. एल. राजेंद्रकुमार सिंह तथा विभागाध्यक्ष प्रो. कननबाला सारंगथेम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
आयोजकों के अनुसार संगोष्ठी का निष्कर्ष देश की खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए एकीकृत, वैज्ञानिक और सतत पौध स्वास्थ्य प्रबंधन रणनीतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पौध जैव-सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पद्धतियां भविष्य की खाद्य चुनौतियों का समाधान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।