इंफाल, 22 अगस्त 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी के शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. पवन कुमार यादवली को सिंगापुर में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एजुकेशन एंड सोशल साइंस (ICESS-2026) में प्रतिष्ठित ‘Research Era Excellent Paper Award’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार 21 अगस्त को आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
डॉ. यादवली ने सम्मेलन में “Transforming Inclusive Education for Learners with Multiple Disabilities: Emerging Innovations and Future Directions” विषय पर शोध-पत्र प्रस्तुत किया। ICESS-2026 में विभिन्न देशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, शिक्षक-प्रशिक्षकों, नीति निर्माताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
समावेशी शिक्षा में नई तकनीकों पर जोर
डॉ. यादवली के शोध में कई प्रकार की दिव्यांगताओं वाले विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के आधुनिक तरीकों पर प्रकाश डाला गया। शोध में सहायक तकनीक, यूनिवर्सल डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शैक्षिक सहायता प्रणाली, शिक्षक क्षमता विकास और साक्ष्य-आधारित शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया।
शोध-पत्र में ऐसे समान, सुलभ और विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षिक वातावरण विकसित करने की वकालत की गई, जिससे अनेक प्रकार की दिव्यांगताओं वाले बच्चों की सार्थक भागीदारी और बेहतर शैक्षिक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
शोध में शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों को मजबूत करने, विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाने और प्रगतिशील नीतिगत पहलों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। यह दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-4 (SDG 4) के अनुरूप समावेशी और समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य से जुड़ा है।
‘Best Presentation and Content’ श्रेणी में मिला पुरस्कार
शोध की अकादमिक गुणवत्ता, मौलिकता और व्यावहारिक प्रासंगिकता को देखते हुए डॉ. यादवली को ‘Best Presentation and Content’ श्रेणी में Research Era Excellent Paper Award प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार LIGS University की डॉ. अमिला गमागे, जो सिंगापुर स्थित Raffles Educational Institute की निदेशक भी हैं, ने प्रदान किया।
डॉ. यादवली की प्रस्तुति के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच समावेशी शिक्षा की मौजूदा चुनौतियों, नवाचारों और भविष्य की संभावनाओं पर अकादमिक चर्चा हुई। इससे मणिपुर यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय शोध एवं अकादमिक मंचों पर बढ़ती भागीदारी को भी बल मिला।
विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा
ICESS-2026 से इतर डॉ. यादवली ने यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया की कांगवोन नेशनल यूनिवर्सिटी और ताइवान की नेशनल त्सिंग हुआ यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक संस्थानों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी संभावित सहयोग को लेकर चर्चा की।
इन चर्चाओं में संयुक्त शोध परियोजनाओं, सहयोगात्मक प्रकाशनों, शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के नेटवर्क, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और अन्य अकादमिक साझेदारियों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इन संभावित साझेदारियों का उद्देश्य मणिपुर यूनिवर्सिटी की शोध एवं विकास गतिविधियों को मजबूत करना और उसके वैश्विक अकादमिक जुड़ाव का विस्तार करना है।
मणिपुर यूनिवर्सिटी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
ICESS-2026 में डॉ. पवन कुमार यादवली की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय सम्मान ने मणिपुर यूनिवर्सिटी के शोध योगदान और संस्थागत क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का एक और अवसर प्रदान किया है।
यह उपलब्धि शिक्षक शिक्षा, समावेशी शिक्षा और संबंधित क्षेत्रों में विश्वविद्यालय के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।