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इंफाल, 21 अगस्त 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी के नौ छात्रों समेत राज्य के 16 युवा जापान में रोजगार हासिल करने जा रहे हैं। यह अवसर राज्य सरकार की स्टेट लाइवलीहुड एम्पावरमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SLEE) पहल के तहत मिला है। यह पहल मणिपुर में कौशल आधारित शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को इंफाल स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में जापान जाने वाले 16 उम्मीदवारों को रवाना किया। कार्यक्रम में मणिपुर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह के साथ राज्य सरकार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) और मणिपुर यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
राज्य के 16 चयनित उम्मीदवारों में से नौ मणिपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं, जो विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट (DVSSD) से जुड़े रहे हैं। इनमें मुतुम लेशिलेंबी चानू, हेसलीन मैसम, धनप्रिया तेंसुबम, येंगखोम रोहित सिंह, टिमोथी डाइम, अरिबाम तेजेशोरी, नोंगमैथेम बिद्यालक्ष्मी, अंगोम अंजू चानू और निंगथौजम डाइना शामिल हैं।
इन नौ युवाओं को जापान की Tokyu Hotel & Resorts Co., Ltd. में रोजगार मिला है। इससे मणिपुर यूनिवर्सिटी में व्यावसायिक एवं कौशल आधारित शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के बीच बढ़ते जुड़ाव का पता चलता है।
मुख्यमंत्री खेमचंद ने जापान जाने वाले उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए उनसे अपनी जड़ों से जुड़े रहने और विदेश में करियर बनाते हुए मणिपुरी पहचान पर गर्व करने का आग्रह किया।
सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने के प्रतीक के रूप में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक उम्मीदवार को मणिपुर के पारंपरिक स्वदेशी वाद्य यंत्र पेना की प्रतिकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि युवा जापान में एक नई संस्कृति, परंपरा और विकसित तकनीकी वातावरण का अनुभव करेंगे, लेकिन उन्हें मणिपुर और अपनी सांस्कृतिक पहचान से अपना संबंध कभी नहीं तोड़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लोग अपनी राष्ट्रीय पहचान पर गर्व करते हैं। उन्होंने मणिपुर में कुछ लोगों द्वारा अपनी पहचान बताने में झिझक पर चिंता जताई और युवाओं से अपनी पहचान को आत्मविश्वास के साथ आगे ले जाने का आह्वान किया।
युवाओं को बदलती कौशल जरूरतों के अनुरूप तैयार होने की सलाह
मणिपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह ने छात्रों और युवाओं से कौशल, तकनीक, उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्र में बदलते रुझानों के साथ कदम मिलाकर चलने का आग्रह किया।
उन्होंने प्रासंगिक कौशल हासिल करने, बदलती पेशेवर आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को ढालने और राज्य तथा देश से बाहर उपलब्ध रोजगार अवसरों के लिए खुले रहने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने युवाओं को व्यापक पेशेवर अनुभव हासिल करने के साथ-साथ अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित किया।
जापान के ओकिनावा स्थित Miyakojima Tokyu Hotel and Resort में रोजगार पाने वाली धनप्रिया तेंसुबम ने अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री और इससे जुड़े संस्थानों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह जापान में अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए अपनी मणिपुरी जड़ों पर गर्व बनाए रखेंगी।
SBI और SLEE के बीच समझौता
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और SLEE के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर रहा। इसका उद्देश्य विदेश में कौशल विकास और रोजगार के अवसर तलाशने वाले उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
पहल के तहत जापानी भाषा का प्रशिक्षण ले रहे पांच उम्मीदवारों को SBI से स्किल लोन भी मिला है। इनमें दीपा नोंगमैथेम, युमनाम लिंथोइंगांबी देवी, होंगशा मोइतुंगशेल, चुइंगामला शिंगलाई और होनलेफी काशुंग शामिल हैं।
चयनित उम्मीदवारों ने NSDC International Academy में जापानी भाषा का प्रशिक्षण लिया है और जापान के विभिन्न हिस्सों में रोजगार हासिल किया है। इनमें टोक्यो, होक्काइडो और ओकिनावा शामिल हैं। अधिकांश रोजगार अवसर स्वास्थ्य सेवा और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्रों में हैं।
जापान के लिए अगस्त और सितंबर 2026 में रवाना होने वाले उम्मीदवार मणिपुर के विभिन्न जिलों, जिनमें इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, काकचिंग और बिष्णुपुर शामिल हैं, से हैं।
विश्व उद्यमिता दिवस पर रोजगार और उद्यमिता पर जोर
जापान में रोजगार के लिए युवाओं की रवानगी के साथ ही मणिपुर यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड स्किल डेवलपमेंट (DVSSD) ने 21 अगस्त को विभाग के ट्रेनिंग हॉल में विश्व उद्यमिता दिवस 2026 भी मनाया। कार्यक्रम की थीम “सस्टेनेबल इनोवेशन एंड इन्क्लूसिव ग्रोथ के लिए उद्यमिता” थी।
कार्यक्रम में नवाचार, नेटवर्किंग, सीखने, उद्यम निर्माण और सामाजिक प्रभाव पर चर्चा की गई। छात्रों को पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़कर उद्यमिता, व्यावसायिक कौशल और उभरते आर्थिक अवसरों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
DVSSD के प्रमुख डॉ. नाम्ब्राम अमुलकुमार ने छात्रों के लिए संबंधित SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा से छात्र ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने में मणिपुर यूनिवर्सिटी के वित्त अधिकारी के सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को ऐसे अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
डॉ. अमुलकुमार ने आम लोगों से विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने की अपील की और कहा कि ये पाठ्यक्रम रोजगारोन्मुख शिक्षा की तलाश कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
मणिपुर यूनिवर्सिटी के नौ पूर्व छात्रों का जापान जाने वाले 16 उम्मीदवारों में शामिल होना और इसी अवसर पर विश्व उद्यमिता दिवस का आयोजन विश्वविद्यालय के कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को जोड़ने के प्रयासों को दर्शाता है।
कार्यक्रम में राज्य सरकार, मणिपुर यूनिवर्सिटी, SBI और NSDC के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें विधायक ख. जॉयकिशन सिंह, प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह, SLEE की सचिव नोंगमैथेम बंदना देवी, डॉ. नाम्ब्राम अमुलकुमार, डॉ. एच. जितेनकुमार सिंह, SBI शिलांग के DGM एजाज अहमद, SBI के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं AGM इरेंगबाम प्रियोकुमार सिंह, डॉ. मेइत्रम उत्तम लुवांग और NSDC की स्टेट एंगेजमेंट ऑफिसर मासोतमी जिमिक शामिल रहे।
यह पहल मणिपुर के युवाओं को बदलते वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करने और उच्च शिक्षा को कौशल, उद्यमिता तथा अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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