Summary

मणिपुर विश्वविद्यालय की डॉ. पुखरामबम लिलाबती देवी को बेंगलुरु में आयोजित नाद नर्तन नृत्य एवं संगीत महोत्सव में उत्कृष्ट शोध पत्र पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।

Article Body

मणिपुर विश्वविद्यालय की डॉ. लिलाबती देवी को नाद नर्तन उत्कृष्ट शोध पत्र पुरस्कार
मणिपुर विश्वविद्यालय की डॉ. लिलाबती देवी को नाद नर्तन उत्कृष्ट शोध पत्र पुरस्कार
इंफाल, 28 सितंबर 2026: मणिपुर विश्वविद्यालय की संकाय सदस्य डॉ. पुखरामबम लिलाबती देवी को बेंगलुरु में आयोजित नाद नर्तन नृत्य एवं संगीत महोत्सव के दौरान नाद नर्तन उत्कृष्ट शोध पत्र पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में उनके शोध योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान को दर्शाता है।

डॉ. लिलाबती ने 25 सितंबर को बेंगलुरु के जनसेवा विद्या केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं संगीत कार्यक्रम में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन 24 से 26 सितंबर तक ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रदर्शन कलाओं में इसकी प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित किया गया था।

उन्हें 26 सितंबर को सम्मेलन के समापन समारोह के दौरान प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से नृत्य, संगीत और प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र से जुड़े शोधकर्ताओं, विद्वानों तथा कलाकारों ने भाग लिया।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत किया

डॉ. लिलाबती देवी ने 25 सितंबर को सम्मेलन के दौरान अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्रदर्शन कलाओं के बीच संबंधों तथा समकालीन संदर्भ में उनकी प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श करना था।

इस आयोजन ने नृत्य, संगीत और प्रदर्शन कला से जुड़े विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं को अपने शोध और विचार साझा करने का अवसर प्रदान किया।

नाद नर्तन नृत्य एवं संगीत महोत्सव में भी लिया हिस्सा

शोध पत्र पुरस्कार प्राप्त करने के साथ ही डॉ. लिलाबती देवी ने नाद नर्तन नृत्य एवं संगीत महोत्सव में भी भाग लिया। समापन समारोह के कार्यक्रम में नृत्य प्रतिभागियों के बीच उनका नाम भी शामिल था।

उनकी उपलब्धि शिक्षण और शोध के साथ-साथ प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में उनके योगदान को भी रेखांकित करती है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के बाद एक और सम्मान

डॉ. लिलाबती देवी को यह सम्मान ऐसे समय मिला है, जब हाल ही में उन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार–2026 से भी सम्मानित किया गया है।

लगातार मिले ये दोनों सम्मान शिक्षण, अनुसंधान और प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में उनके योगदान की महत्वपूर्ण पहचान हैं।

मणिपुर विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि गौरवपूर्ण है और राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों की शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक उपलब्धियों को सामने लाती है।

Comments

TOPICS MENTIONED IN THIS ARTICLE

About the Author(s)

  • Naorem Mohen photo

    Naorem Mohen

    Editor, MU Darpan

    Naorem Mohen is the Editor of MU Darpan. He covers news and updates on workshops, seminars, training programmes, academic and cultural events, research activities, and the achievements of students, faculty members, and alumni of Manipur University. His work focuses on highlighting developments in higher education, research, innovation, and the accomplishments of the university community.

    View all articles by Naorem Mohen

Published by · Editorial Policy

मू-दर्पण (MUDARPAN.IN) | मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का हिंदी अभिलेखागार — मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत गतिविधियों का एक समर्पित हिंदी डिजिटल अभिलेखागार है, जो विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों, सम्मेलनों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और महत्वपूर्ण आयोजनों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण प्रस्तुत करता है।