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इम्फाल, 16 जून: मणिपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा मंगलवार को विभागीय सेमिनार हॉल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 के अंतर्गत एक दिवसीय निर्वाचन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य निर्वाचन संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजनीति विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. डायना नाओरेम के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन साक्षरता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने चुनावों के महत्व, सटीक मतदाता सूची की आवश्यकता तथा समावेशी, पारदर्शी और विश्वसनीय निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में नागरिकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. कांगुजाम सनातोम्बा मैतेई ने “समावेशी भागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को सशक्त बनाना” विषय पर प्रस्तुति देते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए और इसके लिए व्यापक जनसहभागिता आवश्यक है।
मणिपुर इनोवेशन सोसायटी के अध्यक्ष श्री तोंगब्राम तेजकुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के उद्देश्यों, प्रक्रियाओं और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सटीक मतदाता सूची स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की आधारशिला है। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से अपने निर्वाचन संबंधी विवरणों का सत्यापन और अद्यतन कराने का आग्रह किया ताकि कोई भी नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने मतदाता पंजीकरण, नाम संशोधन, नए नाम जोड़ने तथा नाम हटाने जैसी प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
इस अवसर पर डॉ. सलाम शांतिकुमार सिंह तथा प्रो. एन. बिजेन मीतेई ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए मतदाता जागरूकता और सूचित नागरिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन प्रो. खेलेना गुरुमायुम के संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि “सटीक मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है” और सभी प्रतिभागियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

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