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कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में किया गया। देशभर के करीब 450 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में भाग लिया। मणिपुर से 11 कॉलेजों और मणिपुर यूनिवर्सिटी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
पीएम मोदी ने आधुनिक खेल इकोसिस्टम पर दिया जोर
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन से हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार 21वीं सदी के भारत के लिए एक आधुनिक खेल इकोसिस्टम विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से लेकर अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों तक ऐसा व्यापक तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को हर स्तर पर आवश्यक सहयोग मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारत की खेल प्रतिभा और युवा शक्ति को एकजुट कर विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक जिला वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी जगह बनाने की क्षमता रखता है।
उन्होंने 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान के लिए प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी पहल का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल बच्चे की पसंद के खेल को देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी पहचानना जरूरी है कि वह किस खेल के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में खेल अब एक महत्वपूर्ण करियर और पेशे के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने Khelo India Samvaad को युवाओं के विचारों और सुझावों के माध्यम से देश की खेल नीति और दृष्टि को नई दिशा देने वाला मंच बताया।
मणिपुर के खिलाड़ियों की समस्याओं पर चर्चा
कार्यक्रम में लांगथाबल विधानसभा क्षेत्र के विधायक करम श्याम सिंह मुख्य अतिथि रहे, जबकि मणिपुर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
करम श्याम सिंह ने अपने करीब 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों की अनेक कठिनाइयों को करीब से देखा है। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होने के बावजूद उचित खेल उपकरण, पौष्टिक भोजन, कोचिंग और यात्रा खर्च वहन करने में कठिनाई का सामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज अक्सर खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद ही सम्मान देता है, जबकि प्रशिक्षण और संघर्ष के कठिन वर्षों में बहुत कम लोग उनका साथ देते हैं। इसलिए Khelo India Dialogue जैसे मंचों पर खिलाड़ियों की समस्याओं और अनुभवों को सुना जाना आवश्यक है, ताकि नीति निर्माता और खेल प्रशासक उनकी वास्तविक जरूरतों को समझ सकें।
करम श्याम ने कहा कि अपेक्षाकृत कम आबादी के बावजूद मणिपुर ने 19 ओलंपियन दिए हैं। खिलाड़ियों का दृढ़ संकल्प, परिवारों का त्याग, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और स्थानीय समुदायों का सहयोग इसके पीछे महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि खेलों ने मणिपुर को दुनिया के सामने पहचान दिलाई है और यह राज्य की पहचान की मजबूत अभिव्यक्तियों में से एक बन गया है।
उन्होंने गांव और स्कूल स्तर पर प्रतिभाशाली बच्चों की शुरुआती पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, योग्य कोचिंग, खेल उपकरण, पोषण और नियमित प्रतियोगिता के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही खेल योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित खिलाड़ियों को समय पर आर्थिक सहायता देने की मांग की।
मणिपुर यूनिवर्सिटी खिलाड़ियों को देगा संस्थागत सहयोग
कुलपति प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह ने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ आबादी और अनुशासित खेल संस्कृति देश की प्रगति के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कार्यक्रम को स्वस्थ, अनुशासित और विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा बताया।
युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अवसरों को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और सही दृष्टिकोण के साथ पहचानना और उनका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी का एक पदक भी उसके माता-पिता, शिक्षकों, संस्थान, राज्य और देश के लिए गर्व का विषय बन सकता है।
प्रो. हेमकुमार ने खिलाड़ियों को आश्वासन दिया कि मणिपुर यूनिवर्सिटी अपने खेल विभाग के माध्यम से हर संभव संस्थागत सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने NSS सेल और MY Bharat, इम्फाल वेस्ट जिला की भी सराहना की, जिन्होंने विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को संवाद के लिए विश्वविद्यालय में एकत्र किया।
Khelo India 3.0 में खेल ढांचे को मजबूत करने की योजना
कार्यक्रम में मणिपुर सरकार के युवा मामले एवं खेल विभाग के सचिव नाओरेम प्रवीण सिंह, IAS विशेष आमंत्रित के रूप में शामिल हुए। इससे राज्य सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों और खिलाड़ियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता रेखांकित हुई।
इंटरैक्टिव सत्र का संचालन युवा मामले एवं खेल विभाग के निदेशक डॉ. मयेंगबाम वेटो सिंह, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), टाकिएल के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी धंडपानी सी., Khelo India के सहायक निदेशक लैशराम समृत्या सिंह और मणिपुर यूनिवर्सिटी के सहायक खेल निदेशक डॉ. च. प्रदीप सिंह ने किया।
धंडपानी सी. ने प्रस्तावित Khelo India 3.0 योजना (2026–2031) की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों, खेल महासंघों, निजी अकादमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सपोर्ट स्टाफ सहित पूरे खेल इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
उन्होंने खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार, मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण, फीडर स्कूल स्थापित करने, कोचों के उन्नयन और जमीनी स्तर से पोडियम तक एकीकृत मार्ग तैयार करने के प्रस्तावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर के लिए प्रस्तावित Khelo India Utkrisht Vidyalaya केंद्रों में से एक मणिपुर में स्थापित हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि संशोधित ढांचे में लगभग ₹10,000 मासिक आउट-ऑफ-पॉकेट भत्ते को करीब 3,000 Khelo India खिलाड़ियों से बढ़ाकर लगभग 30,000 स्थापित और उभरते खिलाड़ियों तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। यह सहायता पात्र खिलाड़ियों को उपकरण, पोषण, बोर्डिंग, आवास और प्रतियोगिताओं में भागीदारी से जुड़े खर्चों में मदद करेगी।
AIU पंजीकरण को लेकर खिलाड़ियों को जानकारी
मणिपुर यूनिवर्सिटी के सहायक खेल निदेशक डॉ. च. प्रदीप सिंह ने 2026–27 शैक्षणिक सत्र के लिए टूर्नामेंट और चयन ट्रायल की पंजीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी।
Association of Indian Universities (AIU) के तहत प्रतियोगिताओं और चयन ट्रायल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अब AIU पोर्टल पर व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराना होगा और विश्वविद्यालय से सत्यापन के बाद AIU पहचान पत्र प्राप्त करना होगा।
उन्होंने खिलाड़ियों और संबद्ध कॉलेजों से समय रहते पंजीकरण पूरा करने की अपील की, ताकि अधूरे दस्तावेजों के कारण किसी योग्य खिलाड़ी का अवसर न छूटे। उन्होंने बताया कि मणिपुर यूनिवर्सिटी के इंटर-कॉलेज टूर्नामेंट और चयन ट्रायल 10 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। विस्तृत कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा।
बेमबेम देवी ने युवा खिलाड़ियों को दिया संदेश
पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित तथा भारतीय महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान ओइनम बेमबेम देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवा खिलाड़ियों को अपने चुने हुए खेल पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने खिलाड़ियों को सोशल मीडिया की लोकप्रियता से प्रशिक्षण और प्रदर्शन से विचलित न होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक और सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सार्वजनिक पहचान खेल उपलब्धि के बाद मिलनी चाहिए और वह प्रदर्शन का विकल्प नहीं बन सकती।
उन्होंने अपने दौर के खिलाड़ियों की कठिनाइयों को याद करते हुए लंबी सड़क और रेल यात्राओं, सीमित सुविधाओं और उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए किए गए त्याग का उल्लेख किया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से कोचों का सम्मान करने, अनुशासन बनाए रखने, फिटनेस और पोषण का ध्यान रखने तथा विनम्र बने रहने की अपील की।
खेल हस्तियों और युवा खिलाड़ियों का सम्मान
कार्यक्रम में प्रमुख खेल हस्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें ओइनम बेमबेम देवी, अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी चिंगलेनसाना सिंह कांगुजम, अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर एवं 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता थिंगबाइजाम सोनिया चानू, अंतरराष्ट्रीय जुडोका एवं ओलंपियन लिकमाबाम सुशीला देवी और 2011 विश्व थांग-टा चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता ओकराम बोबी सिंह शामिल रहे।
इसके अलावा उभरते युवा खेल प्रतिभाओं सोरोकहैबम मेलोडी देवी (राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज), एम. संजना चानू (राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉलर), एल. लमंगनबा (राष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज), एल. विल्सन सिंह (राष्ट्रीय स्तर के वेटलिफ्टर) और विक्टोरिया हुइरेम (उभरती साइकिलिस्ट) को भी सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया।
NSS सेल के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. लैशराम संतोष सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को संगठित और सशक्त बनाना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, खेलों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना और राष्ट्र निर्माण तथा Viksit Bharat 2047 में युवाओं के योगदान को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में मणिपुर यूनिवर्सिटी के डांस एंड म्यूजिक विभाग के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति दी। इसके अलावा पारंपरिक लेंग्यान फी से अतिथियों का सम्मान, दीप प्रज्वलन, मुख्य अतिथि द्वारा शपथ और युवा प्रतिभागियों, खेल हस्तियों तथा खेल प्रशासकों के बीच संवाद भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का समापन MY Bharat Manipur की स्टेट डायरेक्टर डब्ल्यू. पॉलिना मोनसांग के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, वक्ताओं, खेल हस्तियों, संस्थानों, आयोजकों, स्वयंसेवकों, खिलाड़ियों, अभिभावकों, शिक्षकों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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