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मणिपुर यूनिवर्सिटी ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया। विश्वविद्यालय के 47 विभागों में चरणबद्ध टीबी जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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मणिपुर यूनिवर्सिटी ने शुरू किया ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ जागरूकता कार्यक्रम
मणिपुर यूनिवर्सिटी ने शुरू किया ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ जागरूकता कार्यक्रम
 

इंफाल, 25 अगस्त 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ऑनलाइन ‘चेतना सीरीज लेक्चर’ में भाग लेकर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अपने जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का विषय टीबी मुक्त भारत अभियान—टीबी मुक्त भारत के लिए जागरूकता का निर्माण” था।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत आयोजित UGC के इस ऑनलाइन कार्यक्रम का उद्देश्य तपेदिक (टीबी) की रोकथाम, समय पर पहचान, जांच, निदान और उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में उच्च शिक्षण संस्थानों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी इसका उद्देश्य रहा।

विश्वविद्यालय समुदाय ने ऑनलाइन कार्यक्रम में लिया हिस्सा

मणिपुर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह, मणिपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. एन. बसंता, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. च. इबोहाल सिंह, रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. एन. राजेन सिंह, यूनिवर्सिटी इंजीनियर एन. थोइबा सिंह, NSS कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एल. संतोष सिंह, मणिपुर यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर की मेडिकल ऑफिसर डॉ. लामाबम पिंकी देवी, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सकीला नोंगमेइकापम सहित विश्वविद्यालय समुदाय के अन्य सदस्यों ने ऑनलाइन कार्यक्रम में भाग लिया।

लाइव कार्यक्रम के दौरान UGC की सचिव प्रो. श्यामा रथ और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय टीबी प्रभाग की उप महानिदेशक डॉ. शोबिनी राजन ने उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागियों को संबोधित किया।

वक्ताओं ने टीबी उन्मूलन के लिए निरंतर जन-जागरूकता, समय पर जांच एवं निदान, उचित उपचार और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।

टीबी से जुड़े भ्रम और कलंक दूर करने पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उच्च शिक्षण संस्थानों से टीबी से संबंधित गलत सूचनाओं और सामाजिक कलंक का मुकाबला करने तथा ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ का संदेश व्यापक समुदाय तक पहुंचाने की अपील की गई।

यह पहल उच्च शिक्षण संस्थानों में टीबी मुक्त भारत अभियान के संयुक्त कार्ययोजना का हिस्सा है। इस योजना में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जन-जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से टीबी के खिलाफ अभियान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।

नि-क्षय मित्र’ बनने के लिए प्रोत्साहन

अभियान के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों को नि-क्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही शिक्षकों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और अन्य हितधारकों को टीबी से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया है।

संस्थानों से छात्र सहभागिता और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों में टीबी जागरूकता को शामिल करने तथा संस्थागत वेबसाइटों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से टीबी की रोकथाम से संबंधित सत्यापित जानकारी प्रसारित करने का भी आह्वान किया गया है।

विद्यार्थियों और कर्मचारियों को रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, पोस्टर अभियानों और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से टीबी से जुड़े मिथकों, गलत सूचनाओं और सामाजिक कलंक को दूर करने के प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मणिपुर यूनिवर्सिटी के सभी 47 विभागों में होंगे जागरूकता सत्र

संस्थागत स्तर पर आगे की कार्रवाई के तहत मणिपुर यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर स्वास्थ्य विभाग की स्टेट टीबी यूनिट के सहयोग से विश्वविद्यालय के सभी 47 विभागों में विभागवार टीबी जागरूकता सत्र आयोजित करने की योजना बना रहा है।

प्रस्तावित योजना के अनुसार, हर सप्ताह दो विभागों को कवर किया जाएगा और प्रत्येक जागरूकता सत्र लगभग 30 से 40 मिनट का होगा। इस चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत करीब 24 सप्ताह में विश्वविद्यालय के सभी विभागों को कवर किए जाने की उम्मीद है।

टीबी के लक्षण, रोकथाम और उपचार की दी जाएगी जानकारी

जागरूकता सत्रों में टीबी के बारे में बुनियादी जानकारी, इसके संकेत एवं लक्षण, संक्रमण के तरीके, बचाव के उपाय, जांच एवं उपचार की उपलब्धता और निर्धारित उपचार का पूरा कोर्स पूरा करने के महत्व पर जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा टीबी से जुड़े मिथकों और सामाजिक कलंक पर भी चर्चा की जाएगी। स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ नि-क्षय मित्रों और टीबी से प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

संबंधित विभागों के विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी इन सत्रों में भाग लेंगे। विश्वविद्यालय हेल्थ सेंटर कार्यक्रम के समन्वय के साथ-साथ इसके दस्तावेजीकरण और रिपोर्टिंग के लिए रिकॉर्ड भी रखेगा।

मणिपुर यूनिवर्सिटी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को मजबूत करना और टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय प्रयास में योगदान देना है।

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    Naorem Mohen is the Editor of MU Darpan. He covers news and updates on workshops, seminars, training programmes, academic and cultural events, research activities, and the achievements of students, faculty members, and alumni of Manipur University. His work focuses on highlighting developments in higher education, research, innovation, and the accomplishments of the university community.

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मू-दर्पण (MUDARPAN.IN) | मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का हिंदी अभिलेखागार — मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत गतिविधियों का एक समर्पित हिंदी डिजिटल अभिलेखागार है, जो विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों, सम्मेलनों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और महत्वपूर्ण आयोजनों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण प्रस्तुत करता है।