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इंफाल, 10 अगस्त 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी में सोमवार को “Advances in Physical Education, Sports Sciences, and Yoga” विषय पर दो सप्ताह के राष्ट्रीय रिफ्रेशर कोर्स का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर मणिपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति (प्रभारी) प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह ने फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस और योग के तेजी से बदलते क्षेत्रों में वैज्ञानिक ज्ञान, शोध क्षमता और निरंतर व्यावसायिक विकास को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन UGC–Malaviya Mission Teacher Training Centre (UGC-MMTTC), मणिपुर यूनिवर्सिटी द्वारा किया जा रहा है। यह रिफ्रेशर कोर्स 10 से 22 अगस्त तक चलेगा और इसमें देश के 18 राज्यों के 113 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिभागियों की व्यापक भागीदारी ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह ने कहा कि फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस और योग के क्षेत्र में पिछले वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं और अब ये विषय बहुविषयक, वैज्ञानिक तथा साक्ष्य-आधारित अध्ययन एवं पेशेवर अभ्यास के महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में वर्तमान विकास का संबंध एक्सरसाइज फिजियोलॉजी, बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, न्यूट्रिशन, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, डेटा एनालिटिक्स और उभरती तकनीकों से तेजी से जुड़ रहा है। ऐसे बदलते शैक्षणिक और पेशेवर वातावरण में शिक्षकों, शोधकर्ताओं, प्रशिक्षकों और अन्य पेशेवरों के लिए निरंतर सीखना और व्यावसायिक विकास बेहद जरूरी है।
प्रो. हेमकुमार ने कहा कि इस तरह के रिफ्रेशर कोर्स प्रतिभागियों को अपने ज्ञान को अपडेट करने, अनुभवों का आदान-प्रदान करने, शोध कौशल को मजबूत करने और फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस एवं योग में हो रहे नए विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण अकादमिक मंच प्रदान करते हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों से दो सप्ताह के अकादमिक कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को संसाधन व्यक्तियों के साथ सक्रिय संवाद करना चाहिए, अपने अनुभव साझा करने चाहिए, शोध संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करनी चाहिए और सार्थक अकादमिक एवं पेशेवर सहयोग विकसित करना चाहिए।
शिक्षक प्रशिक्षण और फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित करते हुए कुलपति (प्रभारी) ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का प्रभाव केवल औपचारिक भागीदारी और प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिफ्रेशर कोर्स की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि इसमें प्राप्त ज्ञान, कौशल और विचारों को शिक्षण, शोध, प्रशिक्षण और पेशेवर अभ्यास में कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।
प्रो. हेमकुमार ने फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस और योग के व्यापक सामाजिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन विषयों की भूमिका स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस, खेल उत्कृष्टता, मानसिक कल्याण और समग्र विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने शिक्षकों और पेशेवरों से वैज्ञानिक ज्ञान, स्वस्थ जीवनशैली, शोध उत्कृष्टता और मानव कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में UGC-MMTTC, आयोजन समिति और संसाधन व्यक्तियों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं मणिपुर यूनिवर्सिटी के फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज विभाग के प्रो. लाइशराम संतोष सिंह ने कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्वरूप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स में देश के 18 राज्यों से 113 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
प्रो. संतोष सिंह ने कहा कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और अलग-अलग शैक्षणिक वातावरण से आए शिक्षकों एवं पेशेवरों की भागीदारी से ज्ञान, अनुभव और दृष्टिकोण के आदान-प्रदान का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के लिए अकादमिक मंच और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने के लिए UGC-MMTTC, मणिपुर यूनिवर्सिटी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि दो सप्ताह के दौरान देश के विभिन्न संस्थानों से आए संसाधन व्यक्ति फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंसेज और योग के समकालीन मुद्दों एवं विकास पर प्रतिभागियों के साथ संवाद करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए UGC-MMTTC, मणिपुर यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. राजकुमार भुबोन सिंह ने उच्च शिक्षा में उभरते विचारों और नए दृष्टिकोणों से शिक्षकों को परिचित कराने में रिफ्रेशर कोर्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों से संसाधन व्यक्तियों के अनुभवों से सीखने और पूरे कार्यक्रम के दौरान अकादमिक संवाद में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
प्रो. आर.के. भुबोन सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन के संदर्भ में भी इस पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, समानता, तकनीक-सक्षम एवं ऑनलाइन शिक्षा, भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन और बहुविषयक शिक्षा पर NEP 2020 के जोर का उल्लेख किया।
उद्घाटन दिवस पर विभिन्न संस्थानों के संसाधन व्यक्तियों द्वारा चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
हैदराबाद की डॉ. अंकिता जैन ने “Sports Mental Training for Athletes” विषय पर सत्र लिया और खेल प्रदर्शन में मनोवैज्ञानिक पक्ष के महत्व पर चर्चा की।
उत्तर प्रदेश स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. भुवन चंद्र कपरी ने “Research Methodology: Foundation and Framework” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अकादमिक और वैज्ञानिक शोध के लिए आवश्यक शोध पद्धति की मूल अवधारणाओं और आधारभूत ढांचे पर चर्चा की।
पंजाब की पंजाबी यूनिवर्सिटी के प्रो. निशान सिंह देओल ने “AI Transforming Sports” विषय पर सत्र लिया। उन्होंने खेल के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी नवाचार की उभरती भूमिका पर प्रकाश डाला।
मणिपुर यूनिवर्सिटी के टी. इनाओबी सिंह ने “Physical Education in the Era of NEP 2020: Opportunities, Innovation and Future Directions” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत फिजिकल एजुकेशन के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।
उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। मणिपुर यूनिवर्सिटी के फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वाई. शांतकुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि मणिपुर यूनिवर्सिटी के योग विभाग के प्रमुख डॉ. एन. नीलकमल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। वर्चुअल सत्रों के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी मणिपुर यूनिवर्सिटी के प्रोग्रामर डॉ. इरेंगबाम तिलोकचान ने संभाली।
दो सप्ताह का यह रिफ्रेशर कोर्स 22 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान प्रतिभागियों को समकालीन शोध, उभरती तकनीकों, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंसेज और योग के क्षेत्र में हो रहे बहुविषयक विकास से परिचित कराया जाएगा।

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