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मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 का आयोजन हुआ, जिसमें 100 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम में युवा नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा हुई।

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मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026, 100 से अधिक छात्रों ने कराया पंजीकरण
मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026, 100 से अधिक छात्रों ने कराया पंजीकरण
 

इंफाल, 20 अगस्त 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 – यंग प्रोफेशनल राउंडटेबल के लिए 100 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम का आयोजन मणिपुर यूनिवर्सिटी के एनएसएस सेल और MY Bharat, इंफाल पश्चिम जिला के संयुक्त तत्वावधान में डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ साइंसेज के सीनेट हॉल में किया गया।

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना तथा विकसित भारत 2047 के विजन में उनके योगदान को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत आधिकारिक एनएसएस गीत के बाद वंदे मातरम् और राष्ट्रगान से हुई।

मणिपुर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। MY Bharat मणिपुर की राज्य निदेशक डब्ल्यू. पॉलिना मोनसांग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह और एनएसएस सेल के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एल. संतोष सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का वास्तविक महत्व केवल पुरस्कार जीतने या पहचान हासिल करने में नहीं है, बल्कि ज्ञान प्राप्त करने, मूल्यों को विकसित करने और जीवन के विभिन्न चरणों में आने वाली चुनौतियों का सामना करना सीखने में है।

उन्होंने युवा प्रतिभागियों से विशेषज्ञ पैनलिस्टों के अनुभव और विचारों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सार्थक संवाद केवल सवाल पूछने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे प्रतिभागियों को मुद्दों को गहराई से समझने और कार्यक्रम से अधिक ज्ञान एवं संतुष्टि के साथ लौटने का अवसर मिलना चाहिए।

रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह ने युवाओं की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “युवा कल के नेता हैं” जैसी पारंपरिक धारणा अब पर्याप्त नहीं है। जलवायु परिवर्तन, सामाजिक अन्याय और अन्य समकालीन चुनौतियों के दौर में युवाओं को आज से ही जिम्मेदारी संभालनी होगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में युवा दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाली घटनाओं और अन्याय के बारे में बहुत कम समय में जागरूकता फैला सकते हैं। इसलिए उन्हें अपनी क्षमता का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रो. प्रेमजीत ने नेतृत्व की अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का अर्थ दूसरों पर किसी व्यक्ति के विचार थोपना नहीं है। एक सफल नेता को विभिन्न विचारों को सुनना चाहिए, लोगों को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर देना चाहिए और सभी दृष्टिकोणों को साथ लेकर सर्वोत्तम निर्णय तक पहुंचना चाहिए।

अध्यक्षीय संबोधन में MY Bharat मणिपुर की राज्य निदेशक डब्ल्यू. पॉलिना मोनसांग ने प्रतिभागियों से पुरस्कार और प्रतियोगिता से आगे बढ़कर ज्ञान, चरित्र और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता के महत्व को समझने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि मणिपुर और देश के सामने मौजूद जटिल सामाजिक चुनौतियों के समय युवा नेताओं को प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों से संवाद में सक्रिय रूप से भाग लेने, सवाल पूछने और विशेषज्ञों के साथ बातचीत के माध्यम से अपनी समझ विकसित करने का आह्वान किया।

इससे पहले प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत करते हुए एनएसएस सेल के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एल. संतोष सिंह ने बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग और यंग प्रोफेशनल राउंडटेबल की शुरुआत युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा भारत के युवाओं को संगठित करने, उनमें मूल्यों को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा नागरिकों को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में Dr Sapam Dilipkumar Singh, सहायक प्रोफेसर, विधि विभाग, मणिपुर यूनिवर्सिटी और Prof Nameirakpam Bijen Meetei, पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, मणिपुर यूनिवर्सिटी ने पैनलिस्ट के रूप में हिस्सा लिया।

पैनल चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं के साथ नेतृत्व, लोकतांत्रिक भागीदारी, सार्वजनिक जिम्मेदारी और समकालीन चुनौतियों से निपटने में युवाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श किया। छात्रों को अपने विचार व्यक्त करने, सवाल पूछने और रचनात्मक संवाद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र, युवा संवाद, राउंडटेबल चर्चा और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरण शामिल रहा। कार्यक्रम का समापन समापन संबोधन और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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    Naorem Mohen

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    Naorem Mohen is the Editor of MU Darpan. He covers news and updates on workshops, seminars, training programmes, academic and cultural events, research activities, and the achievements of students, faculty members, and alumni of Manipur University. His work focuses on highlighting developments in higher education, research, innovation, and the accomplishments of the university community.

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मू-दर्पण (MUDARPAN.IN) | मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का हिंदी अभिलेखागार — मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत गतिविधियों का एक समर्पित हिंदी डिजिटल अभिलेखागार है, जो विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों, सम्मेलनों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और महत्वपूर्ण आयोजनों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण प्रस्तुत करता है।