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मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत युवा कनेक्ट फेज-2 का आयोजन हुआ। युवाओं को विकसित भारत 2047, जिम्मेदार नागरिकता और नशामुक्त समाज के लिए प्रेरित किया गया।

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मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत युवा कनेक्ट फेज-2 का आयोजन
मणिपुर यूनिवर्सिटी में विकसित भारत युवा कनेक्ट फेज-2 का आयोजन
 

इंफाल, 12 अगस्त 2026: मणिपुर यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सेल ने युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में 12 अगस्त को कैंचीपुर स्थित विश्वविद्यालय के कोर्ट हॉल में विकसित भारत युवा कनेक्ट फेज-2 कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ना तथा उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में नशामुक्त समाज के निर्माण पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत आधिकारिक एनएसएस गीत के बाद वंदे मातरम् और राष्ट्रगान से हुई।

मणिपुर यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. च. इबोहाल सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। यूथ आइकन पिनुबाला लैशराम और एनएसएस सेल के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. लैशराम संतोष सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में करीब 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें MY Bharat, इंफाल ईस्ट जिला की सहायक निदेशक एवं यूथ ऑफिसर प्रिंसी गुप्ता, मणिपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, समन्वयक, एनएसएस स्वयंसेवक, आमंत्रित अतिथि और अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।

अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो. लैशराम संतोष सिंह ने कहा कि विकसित भारत युवा कनेक्ट फेज-2 युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की पहल है, जिसके तहत 1 से 15 अगस्त 2026 तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मणिपुर यूनिवर्सिटी राज्य में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए चयनित संस्थानों में शामिल है। विश्वविद्यालय का एनएसएस सेल युवाओं को विकसित भारत के व्यापक राष्ट्रीय विजन से जोड़ने की दिशा में पहल कर रहा है।

प्रो. संतोष ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के विजन को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और युवाओं को अनुशासित, समर्पित तथा सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत की विकास यात्रा को सफल बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास आवश्यक होंगे।

कार्यक्रम के दौरान कार्यवाहक कुलपति प्रो. आर.के. हेमाकुमार सिंह ने प्रतिभागियों को विकसित भारत की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से प्रतिभागियों ने जिम्मेदार नागरिकता, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत 2047 के विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

अपने संबोधन में प्रो. हेमाकुमार ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए देश के युवाओं की सक्रिय भागीदारी, अनुशासन और प्रतिबद्धता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन में युवा भारत के परिवर्तन के केंद्र में हैं और देश की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा कनेक्ट जैसे कार्यक्रम केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि युवाओं को अपने संस्थानों, समुदायों और देश के प्रति अधिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

कुलपति ने नशे के दुरुपयोग, लत और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से उत्पन्न चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्वस्थ, केंद्रित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवा पीढ़ी के महत्व पर जोर दिया।

मणिपुर यूनिवर्सिटी के प्लास्टिक-मुक्त परिसर की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केवल प्लास्टिक कचरे के संग्रह और निपटान की व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं है। छात्रों, कर्मचारियों और विश्वविद्यालय समुदाय के अन्य सदस्यों को भी जिम्मेदारी से इन सुविधाओं का उपयोग करते हुए परिसर को स्वच्छ रखने में सामूहिक योगदान देना होगा।

इसी तरह उन्होंने विश्वविद्यालय को नशामुक्त परिसर बनाने के प्रयासों में भी सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शुरू की गई पहल तभी प्रभावी होंगी, जब छात्र और विश्वविद्यालय समुदाय के अन्य सदस्य सक्रिय रूप से सहयोग करें।

अध्यक्षीय संबोधन में डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. च. इबोहाल सिंह ने विकसित भारत युवा कनेक्ट फेज-2 को 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहे भारत के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।

उन्होंने कहा कि भारत की विशाल युवा आबादी देश की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है और युवा राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रो. इबोहाल ने कहा कि NSS सामाजिक रूप से संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के लिए एक प्रभावी संस्थागत मंच है। उन्होंने विशेष रूप से गोद लिए गए गांवों के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर और समुदायों के बीच संबंध मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत जैसे अभियान केवल विश्वविद्यालयों और कॉलेज परिसरों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इन्हें एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समुदायों और गोद लिए गए गांवों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि और यूथ आइकन पिनुबाला लैशराम ने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए नशे और लत की गंभीर चुनौतियों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की बड़ी ताकत है, लेकिन युवा तभी राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं जब वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें।

उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार, शिक्षा, करियर, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर परिवार, मित्रों, शिक्षकों, काउंसलर तथा भरोसेमंद लोगों से सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

पिनुबाला ने नशा मुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार के साथ परिवारों, शिक्षण संस्थानों, समुदायों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने डिजिटल और स्मार्टफोन की लत जैसे उभरते मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे युवाओं को इसे स्वीकार करने और सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। मदद मांगना शर्म की बात नहीं है।

कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता नॉर्थ ईस्ट NSS फेस्टिवल 2026 में मणिपुर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों का सम्मान रहा। यह महोत्सव 23 से 27 जुलाई 2026 तक असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, जोरहाट में आयोजित हुआ था।

मणिपुर यूनिवर्सिटी की टीम ने महोत्सव के दौरान कई गतिविधियों में पहचान बनाई। टीम को बेस्ट डिसिप्लिन का सम्मान मिला, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम में दूसरा स्थान हासिल किया गया और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी पहचान मिली।

विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को अनुशासन, रचनात्मकता, सांस्कृतिक सहभागिता और सामाजिक सेवा की भावना प्रदर्शित करने के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम ने इस बात को रेखांकित किया कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि युवाओं के स्वास्थ्य, चरित्र, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

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    Naorem Mohen

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    Naorem Mohen is the Editor of MU Darpan. He covers news and updates on workshops, seminars, training programmes, academic and cultural events, research activities, and the achievements of students, faculty members, and alumni of Manipur University. His work focuses on highlighting developments in higher education, research, innovation, and the accomplishments of the university community.

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मू-दर्पण (MUDARPAN.IN) | मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का हिंदी अभिलेखागार — मणिपुर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत गतिविधियों का एक समर्पित हिंदी डिजिटल अभिलेखागार है, जो विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों, सम्मेलनों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और महत्वपूर्ण आयोजनों का प्रामाणिक दस्तावेजीकरण प्रस्तुत करता है।